इक ऐसा जहान

मुक्त हो जो ऐसा इक जहान दे दे,मैं उन्मुक्त उडू छूने ऊंचाइयां, ऐ खुदा मेरे पंखों को ऐसी उड़ान दे दे। कोई गगन अब छूटने न पाए, कोई दिशा भी…

दर्द

ये किस्सा आम नहीं,पर आम लोगो का है, जो दर्द सहता है,अमीरों की इस भीड़ में तन्हा-तन्हा सा रहता है | जिसके सर पर सर्द रातें ढ़लती हैं, घर में…

जी ले तू

ज़िन्दगी बहुत हसींन है, सर पे आसमां,पैरों तले ज़मीन| ज़िन्दगी इक ख्वाब है, जी ले इसे खुल कर,ज़िन्दगी कल नहीं आज है| क्यों तू कल के इंतज़ार में, जो है…