Archives

Categories

About This Site

all my floating thoughts.

ज़िन्दगी बहुत हसींन है,
सर पे आसमां,पैरों तले ज़मीन|
ज़िन्दगी इक ख्वाब है,
जी ले इसे खुल कर,ज़िन्दगी कल नहीं आज है|
क्यों तू कल के इंतज़ार में,
जो है पास खो रहा,पल-पल क्यों है रो रहा ?

Next Post

दर्द

Wed Nov 8 , 2017
ये किस्सा आम नहीं,पर आम लोगो का है, जो दर्द सहता है,अमीरों की इस भीड़ में तन्हा-तन्हा सा रहता है | जिसके सर पर सर्द […]

You May Like